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अमरनाथ गुफा से जुड़े ये 5 रहस्य जो ज्यादातर लोगों को नहीं है मालूम, जानिए इससे जुड़े राज

हिंदू धर्म बहुत से तीर्थस्थल है जिनके प्रति लोगों का विश्वास देखने को मिलता है, ऐसे बहुत से तीर्थ स्थल है जिनके चमत्कार और रहस्य अभी तक कोई भी नहीं जानता है, इन सभी रहस्य को जानने की कोशिश वैज्ञानिकों ने भी की है परंतु इन सबके बावजूद भी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए सभी अध्ययन विफल साबित हुए हैं और इनके रहस्य अभी तक पता नहीं लग पाए है, इन्हीं तीर्थ स्थलों में से एक अमरनाथ हिंदुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल है अमरनाथ गुफा भगवान शिव जी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है इस स्थान के बारे में ऐसा कहा जाता है कि अमरनाथ गुफा में भगवान शिव जी ने माता पार्वती को अमरतत्व का रहस्य बताया था, इसलिए इसको अमरेश्वर के नाम से भी लोग जानते हैं, अमरनाथ गुफा में ऐसे बहुत से रहस्य छुपे हुए हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता है, आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से अमरनाथ गुफा से जुड़ी हुई कुछ गुप्त बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं।

आइए जानते हैं अमरनाथ गुफा से जुड़े रहस्य

  • ऐसा बताया जाता है कि अमरनाथ गुफा की खोज बूटा मलिक नाम के मुस्लिम ने की थी, एक बार वह भेड़ बकरी चरा रहा था और भेड़ बकरी चराते हुए वह बहुत दूर जंगल में पहुंच गया था, जंगल के अंदर उसकी मुलाकात एक साधु से हुई थी, तब साधु ने बूटा मलिक को कोयले से भरी हुई एक कांगड़ी दी थी, जब वह अपने घर पर पहुंचकर उसने कोयले से भरी हुई कांगड़ी देखा तो उसको कोयले के स्थान पर सोना मिला था, जिसे देखकर वह काफी आश्चर्यचकित हो गया था, तब वह साधु को धन्यवाद करने के लिए वापस गया परंतु वहां पर उसको साधु नहीं मिला लेकिन उसको वहां पर एक विशाल गुफा दिखाई दी, ऐसा बताया जाता है कि उसी समय से यह स्थल एक तीर्थ स्थल बन गया।
  • ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव जी ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को अमरतत्व का मंत्र सुनाया था, इसलिए इस गुफा का महत्व अधिक माना गया है।

  • मान्यता अनुसार जब भगवान शिव जी ने अमरतत्व मंत्र सुनाने से पहले सभी चीजों का त्याग कर दिया था, जब भगवान शिव जी माता पार्वती को अमर कथा सुनाने के लिए ले जा रहे थे तब उन्होंने मार्ग में सबसे पहले पहलगाम में नंदी का परित्याग किया था उसके पश्चात चंदनबाड़ी में अपनी जटा से चंद्रमा को मुक्त कर दिया था, भगवान शिव जी ने शेषनाग को अपने गले से उतार दिया था और गणेश जी को महा गुणस पर्वत पर छोड़ दिया था, आखिरी में पंचतरणी नामक स्थान पर भगवान शिव जी ने पांच तत्वों का परित्याग कर दिया था।

  • शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जब भगवान शिव जी माता पार्वती को अमरकथा सुना रहे थे तब वहां पर दो कबूतर का जोड़ा मौजूद था जिन्होंने अमर कथा सुनी थी, उसके पश्चात वह शुकदेव ऋषि के रूप में अमर हुए थे, ऐसा बताया जाता है कि अमरनाथ गुफा में वर्तमान समय में भी यह कबूतर का जोड़ा नजर आता है।
  • अमरनाथ गुफा के अंदर मौजूद शिवलिंग पक्के बर्फ का निर्मित होता है परंतु इस गुफा के बाहर दूर-दूर तक कच्ची बर्फ नजर आती है इस गुफा के अंदर पक्की बर्फ का शिवलिंग किस प्रकार निर्मित होता है इस विषय में कोई भी नहीं जानता है, यह अभी तक रहस्य का रहस्य बना हुआ है।