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आखिर क्यों स्त्रियों को नहीं करनी चाहिए बजरंगबली की पूजा? जानिए इसका कारण

कलयुग में महाबली हनुमान जी को अजर-अमर देवता माना जाता है, ऐसा बताया जाता है कि यह वर्तमान समय में भी धरती पर मौजूद है और जो भक्त इनको अपने सच्चे मन से याद करता है उसकी सहायता के लिए यह अवश्य आते हैं, महाबली हनुमान जी भगवान श्री राम जी के परम भक्त हैं और इनको संकट मोचन भी कहा जाता है, यह अपने भक्तों को हर संकट से दूर रखते हैं, अगर भक्तों पर किसी प्रकार की मुसीबत आती है तो उस स्थिति में यह अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, हनुमान जी के भक्ति भी अपनी श्रद्धा के साथ इनकी उपासना और पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे इनका आशीर्वाद इनके ऊपर हमेशा बना रहे, ऐसे बहुत से लोग हैं जिनकी आस्था हनुमान जी के प्रति बहुत अधिक है, यह सभी बड़े ही प्रेम भाव के साथ हनुमान जी की पूजा अर्चना में लीन रहते हैं, वैसे देखा जाए तो महाबली हनुमान जी से जुड़ी हुई बहुत सी मान्यताएं हैं, एक मान्यता के अनुसार ऐसा बताया जाता है कि स्त्रियों को महाबली हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए, महाबली हनुमान जी की पूजा करने से स्त्रियों को मना किया गया है परंतु इसके अतिरिक्त कुछ स्थितियां निर्धारित की गई है जिनका पालन करना स्त्रियों के लिए बहुत ही आवश्यक है।

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं महाबली हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं और यह महिलाओं को माता का स्वरूप मानते हैं, इसी वजह से महाबली हनुमान जी को यह बिल्कुल पसंद नहीं है कि स्त्रियां उनके चरणों में अपना सर झुकाएं, ऐसा माना जाता है कि स्त्रियों को महाबली हनुमान जी के लिए लंबे अनुष्ठान नहीं करने चाहिए, इसके पीछे का मुख्य कारण उनके रजस्वला को बताया गया है, इसके साथ साथ ऐसा करने से महिलाएं अपने घरेलू उत्तरदायित्व को ठीक प्रकार से पूर्ण नहीं कर पाती हैं, रजस्वला के समय स्त्रियों को महाबली हनुमान जी से संबंधित किसी भी कार्य को करने के लिए मना किया गया है, ऐसा बताया जाता है कि स्त्रियों को महाबली हनुमान जी को सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए, इसके अलावा बजरंग पाठ भी महिलाओं को नहीं करना चाहिए।

महिलाओं को इस बात का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है कि इनको हनुमान जी की पूजा अर्चना करना पूरी तरह मना नहीं है, महाबली हनुमान जी की आराधना से जुड़े हुए ऐसे बहुत से कार्य हैं जो स्त्रियां भी कर सकती है, अगर महिलाएं महाबली हनुमान जी को दीपक अर्पित करती है तो इसमें किसी भी प्रकार का दोष नहीं माना गया है, इसके अतिरिक्त महिलाएं हनुमान चालीसा, संकट मोचन, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड आदि का पाठ भी कर सकती हैं और महिलाएं महाबली हनुमान जी को अपने हाथ से बनाया गया प्रसाद भी भोग लगा सकती हैं।

उपरोक्त कुछ मान्यताएं हैं जो स्त्रियों की हनुमान भक्ति से जुड़ी हुई है ऐसा नहीं है कि स्त्रियां महाबली हनुमान जी की पूजा नहीं कर सकती, परंतु इसके पीछे कुछ स्थितियां निर्धारित होती है, जिनका पालन करना स्त्रियों के लिए बहुत ही जरूरी है, कुछ स्थितियां ऐसी है जिसमें महिलाएं हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं, अगर महिलाएं इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए महाबली हनुमान जी की पूजा करती है तो इससे उनको किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगेगा और इनको महाबली हनुमान जी का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।