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काशी विश्वनाथ से जुड़ी इन बातों से लोग अभी तक है अनजान, जानिए इससे जुड़े अद्भुत रहस्य

हमारे भारत देश में ऐसे बहुत से सुंदर स्थल है जिनकी सुंदरता को देख कर लोगों का मन उनकी तरफ आकर्षित हो जाता है इन सुंदर जगहों से लोगों का एक ख़ास लगाव हो जाता है इसकी सुंदरता लोगों के दिल और दिमाग में अपना घर बना लेती है इन्हीं सुंदर जगहों में से एक काशी है काशी को भगवान शिव की सबसे प्रिय नगरी कहा गया है पुराणों और ग्रंथों में भी इस बात का उल्लेख मिलता है काशी में ही भगवान शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ मौजूद है इस स्थान पर वाम रूप में स्थापित बाबा विश्वनाथ शक्ति की देवी माता भगवती के साथ विराजमान है यह बहुत ही अद्भुत दृश्य है इस पूरी दुनिया में आपको ऐसा कहीं और देखने को नहीं मिल सकता, आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी हुई कुछ अनसुनी और बहुत ही रहस्यमई रोचक बातों को बताने वाले हैं जिनसे शायद आप लोग अभी तक अनजान होंगे।

आइए जानते हैं काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी इन बातों के बारे में

  • काशी को मुक्ति का क्षेत्र कहा जाता है इस स्थान पर काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दो भागों में बटा हुआ है दाहिने भाग में शक्ति के रूप में मां भगवती विराजमान है और दूसरी तरफ भगवान शिव का नाम रूप मौजूद है देवी भगवती की दाहिनी तरफ विराजमान होने की वजह से मुक्ति का मार्ग सिर्फ काशी में ही खुलता है यह वही स्थान है जहां पर मनुष्य जाति को मुक्ति प्राप्त होती है।

  • जब इस स्थान पर श्रृंगार का समय होता है तो सभी मूर्तियां पश्चिम मुखी रहती हैं इस ज्योतिर्लिंग में शिव और शक्ति दोनों साथ ही विराजमान है जो बहुत ही अद्भुत नजारा होता है इस प्रकार का दृश्य इस संसार में आपको और कहीं नहीं नजर आ सकता।
  • काशी विश्वनाथ के दरबार में गर्भ गृह का शिखर मौजूद है इसमें ऊपर की तरफ को गुबंद श्री यंत्र से मंडित है तांत्रिक सिद्धि के लिए यह स्थान बहुत ही उपयुक्त माना जाता है बाबा विश्वनाथ के दरबार में तंत्र की दृष्टि से चार प्रमुख द्वार शांति, कला, प्रतिष्ठा और निवृत्ति है।
  • इस मंदिर में बाबा विश्वनाथ का मुख अघोरी की तरफ है इससे मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवेश करता है इसलिए अगर आप इस मंदिर के अंदर जाएंगे तो सर्वप्रथम बाबा के अघोर रूप के दर्शन हो जाएंगे ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में प्रवेश करते ही व्यक्ति के सभी पाप नाश हो जाते हैं।

  • ऐसा कहा जाता है कि बाबा विश्वनाथ के अघोर दर्शन मात्र से ही जन्म जन्मांतर के पाप दूर हो जाते हैं शिवरात्रि के दिनों में बाबा विश्वनाथ औघड़ रूप में भी विचरण करते हैं उनके बारात में भूत प्रेत जानवर देवता पशु और पक्षी भी शामिल रहते हैं।
  • इस मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि जब औरंगजेब इस मंदिर का विनाश करने के लिए आया था तब इस मंदिर में मौजूद लोगों ने शिवलिंग की रक्षा करने हेतु उसको मंदिर के पास में ही बने एक कुएं में छुपा दिया था वह कुआं आज भी इसी मंदिर के आसपास स्थित है।
  • इस मंदिर के ऊपर जो सोने का छत्र बनाया गया है वह बहुत ही चमत्कारिक माना जाता है ऐसा माना जाता है कि जो भक्त इस छत्र के दर्शन करने के पश्चात अपनी कोई मनोकामना मांगता है तो उसकी इच्छा पूरी हो जाती है।