अक्षय तृतीया से 143 दिन तक वक्री रहेंगे शनिदेव, इन 4 राशियों पर पड़ेगा बुरा प्रभाव

शास्त्रों के अनुसार शनि की न्याय का राजा कहा जाता है और ये सूर्यपुत्र भी है शनि हर स्सल व्ज़री होते है इस बार शनिदेव 18 से वक्री होने जा रहे हैं। शनि के वक्री होने की अवधि 6 सितंबर तक रहेगी। जो कि 143  दिन की है। शनि के वक्री होने से जहां देश को आर्थिक, सामाजिक, जातिवाद और आगजनी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वही इसका असर हमारी राशियों पर भी पड़ने वाल अहिया राशियो की अगर बात की जाए तो 6 राशियों को इसका सकारात्मक और बड़ा उन्नत प्रभाव देखने को मिलेगा।

ज्योतिष के अनुसार शनि का वक्री होना बड़ी आकाशीय घटना है। ऐसा अक्षय तृतीया पर होने से इस दिन सोने के बजाए चांदी की खरीदारी करनी चाहिए। ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि शनिदेव प्रात: 7.15 वक्र गति से घूमने लगेंगे। शनि एक क्रूर ग्रह होने से वे और क्रूर हो जाएंगे। जबकि यदि गुरु, शुक्र, बुध आदि वक्री हो तो शुभ प्रभाव पड़ता है। मंगल का वक्री होना भी कष्टकारी माना जाता है।  शनि और मंगल धनु राशि में एक साथ बैठ रहे हों, तो वह और भी अशुभ माना जाता है इस समय ग्रहों के राजा गुरु भी वक्र गति से वक्री होकर घूम रहे हैं। उनका ऐसे घूमना शुभ होता है। आपको बता दे की शनि के 15 डिग्री पर घूमने से अत्यंत अशुभ फल मिलता है, गुरु की वक्र गति उसके प्रभाव को कुछ धीमा करेगी।

आज हम आपको बताने वाले हैं 4 ऐसी राशियो के बारे में जिन्हें शनि के प्रभाव पड़ने वाला है जिससे आपको सचेत रहने की आवश्यकता होगीक्रूर कहे जाने वाले ग्रह शनिदेव बुधवार से अगले 143 दिनों तक वे वक्री ही रहेंगे। इसका असर कई राशियों पर पड़ेगा।आइये जानते है इन राशियो के बारे में|

1.मेष राशि

वक्री होने के समय शनि देव मेष राशि के नौवें घर में रहेंगे। आपके कैरियर की रफ्तार धीमी हो सकती है और आर्थिक संकट आ सकता है। जून के मध्य में आपकी आर्थिक उन्नति होगी लेकिन बहुत धीमी गति से आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है।

2.कर्क राशि

कर्क राशि में शनि देव छठे भाव में वक्री होंगे। शनि देव के वक्री समय अवधि में आपको कानूनी विवाद, आर्थिक समस्या और आपका परिवारिक जीवन मुश्किलों में रह सकता है इस दौरान आपको बहुत संभल कर रहना होगा। घर में कलह बढ़ सकता है। दांपत्य जीवन में खटास आ सकती है|

3.सिंह राशि

इस राशी वालो के लिए शनि देव सिंह राशि के पंचम घर में वक्री होंगे। शनि देव के वक्री होने से आपके जीवन में संघर्ष आएगा, चुनौती आएगी और शत्रु बढ़ेंगे और रोग परेशान करेंगे। इस दौरान कोई भी ऐसा करें ना करें जिससे आपकी बदनामी हो। आपको अपने पर नियंत्रण रखना होगा और ये आपके लिए विशेषकर हितकारी होगा।

4.वृश्चिक राशि

इस राशी वालो के लिए शनि देव आपके दूसरे भाव में वक्री होंगे। वक्री काल में आपको सबसे ज्यादा अपने पारिवारिक जीवन पर ध्यान देना होगा। आपका घर भी टूट सकता है। इसलिए सबसे ज्यादा बेहतर यह रहेगा कि आप अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। और परिवार को जोड़ने की कोशिश करें

Leave a Reply

Your email address will not be published.