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डॉक्टर से बने आईपीएस और कर डाले 60 एनकाउंटर,सीएम योगी ने दिया ये ईनाम

जैसा कि आप सभी जानते हैं दिन-ब-दिन बढ़ते क्राइम को आज रोकने की बहुत जरूरत है इसके लिए चाहिए स्पेशलिस्ट पुलिस ऑफिसर और कानून के इमानदार रखवाले। जो आज के समय में तो मिलना मुश्किल है लेकिन इस मुश्किल समय में भी एक IPS ऐसा है जो जुल्म के खिलाफ तुरंत आवाज उठाता है और मुजरिम को एनकाउंटर कर जुर्म के साथ ही खत्म कर देता है। 2011 के बैच के आईपीएस डॉ अजय पाल अपने 6 साल के करियर मे लगभग काउंटर कर चुके हैं। अब उन्हें नोएडा के थाने का इंचार्ज दिया गया है। नोएडा थाने का इंचार्ज लेते हुए उन्होंने तुरंत मीटिंग बुलाई और अपनी बात सबके सामने स्पष्ट करने के लिए नोएडा अपराध मुक्त होना चाहिए।

उन्होंने SSP के पद को संभालते ही यह बात स्पष्ट कर दी कि हर इंस्पेक्टर को अपना इतना खोफ फैला देना है कि कोई भी अपराध नोएडा में घुसने से पहले 10 बार सोचे। और यदि आप अपनी नौकरी बचाना चाहते हैं तो इमानदारी और जुनून के साथ निभाए नहीं तो नौकरी से बर्खास्त करने में मुझे जरा भी देरी नहीं होगी।

उन्होंने अपने कलीग्स को साफ साफ कह दिया है कि गाय को बिल्कुल साफ करने में दिलचस्पी दिखाओ नहीं तो आप अपनी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे।

बीते सोमवार को डॉक्टर अजय पाल नहीं अपना पद संभालते ही तुरंत थानेदारों की मीटिंग बुलाई और कहा कि यदि कोई किसी अपराध की शिकायत लेकर थाने में आता है तो वर्कआउट थानेदार की जिम्मेदारी बनती है कि वह उस अपराध की शिकायत को तुरंत दर्ज करें और उस पर कार्यवाही शुरु कर दें।

यदि दुनिया को दुबारा से अपराध करता पकड़ा जाए तो उसे बिल्कुल भी बक्शा ना जाए पहली वार्निंग के बाद दोबारा प्राप्त करने वाले को तुरंत सजा दी जाये।

नोएडा का चार्ज संभालते ही उन्होंने पहले ही यह बात स्पष्ट कर दूं कि नोएडा का अपराध खत्म होगा तो सिर्फ एनकाउंटर से। क्योंकि वह खुद अपने 6 साल के करियर में 60 से भी अधिक एनकाउंटर कर चुके हैं।

उन्होंने अपनी बात में साथ स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई अपराधी फायरिंग करता है तो उस दौरान एक पुलिस वाले फायरिंग बैक करने में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेंगे।

मूल रूप से लुधियाना के रहने वाले 2011 बैच के आईपीएस डॉक्टर अजय पाल ने मैट्रिक एग्जाम में सौ फ़ीसदी अंक पाकर के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंटरमीडिएट के बाद बीडीएस की डिग्री हासिल करने के बाद पंजाब सरकार के साथ उनके प्रोजेक्ट डेंट सप्लाई में इंटर्नशिप की। इन सब के गाने हैं उनके दिमाग में सिविल सर्विसेज जाने की बात आई।

साल 2010 में LIC में कार्यरत रहते हुए उन्होंने UPSC का एग्जाम दिया। 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें UPSC में 16 रैंक मिला जिसकी वजह से उन्हें आईपीएस में चयन का मौका मिला।

अपराध पर लगाम लगाने के लिए जाने जाने वाले डॉक्टर अजय पाल को CM योगी द्वारा पेश शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। जी हाँ डॉ. अजयपाल इससे पहले हाथरस, शामली समेतक कई जिलों में एसपी के तौर पर काम कर चुके हैं। जानकारी प्राप्त कर सके ला कर देने के बारे में नोएडा के थाने में तैनात कर दिया गया।

अपने धाकड़ में से भी बड़े-बड़े ऑफ नेशंस को भी अंजाम दे चुके हैं। यूपी में जब से योगी सरकार आई है तब से उन्होंने अपराध खत्म करने की हानि जिसमें डॉक्टर जयपाल में कार्यरत हो कर दो अपराधियों का एनकाउंटर किया।

इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के नाभा जेल के बड़े अपराधी जो जेल ब्रेक करने में मास्टर माइंड था उसे गिरफ्तार किया। जिसका नाम परमिंदर उर्फ पिंदा है।