एड्स के बारे में जान लें ये 10 बातें वरना पछताएंगे आप

आज हम आपको इस लेख के द्वारा एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके बारे में कई लोग बात करने में हिचकिचाते हैं। वहीं न कभी इसपर खुलकर चर्चा करते हैं। जी हम बात कर रहे हैं HIV एड्स की। आपको बता दें कि HIV एक प्रकार का संक्रमित विषाणु है। ये वायरस व्यक्ति के शरीर में जाकर उसके खून में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाओं यानी कि व्हाइट ब्लड सेल में मिल जाता है। श्वेत रक्त कोशिकाओं के माध्यम से यह वायरस व्यक्ति के डीएनए में चला जाता है और फिर ऐसी स्थिति में आकर वायरस टूटने लगता है जिसके बाद धीरे-धीरे ये वायरस पूरे शरीर से सभी श्वेत रक्त कोशिकाओं को खत्म कर देता है। श्वेत रक्त कोशिकाओं के कम होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

HIV संक्रमण होने के बाद एड्स की बीमारी होने में कई साल लग जाते हैं। वहीं अगर आकड़े पर गौर किया जाए तो पिछले साल इस पूरी दुनिया में 3.5 करोड़ लोगों की एड्स से मौत हो गई। वहीं WHO के मुताबिक साल 2015 में 3.5 करोड़ लोग इस गंभीर बिमारी से लड़ रहे थे। एड्स के बारे में सरकार और दूसरी संस्थाओं के द्वारा फैलाई गई जागरुकता के कारण आप इस बीमारी के बारे में काफी सारी बातें जानते होंगे। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसके शुरुआती दिनों में किसी तरह के लक्षण सामने नहीं आते हैं। व्यक्ति बिल्कुल साधारण दिनों की तरह सेहतमंद रहता है। कुछ साल बाद ही इसके लक्षण सामने आते हैं लेकिन आज हम आपको एड्स के बारे में कुछ ऐसे तथ्‍य बताना चाहेंगे जो शायद आप नहीं जानते होंगे।

तो आइए जानते हैं कुछ खास बातें

बता दें कि मच्छर काटने से एड्स जैसी बिमारी नहीं होती है।

वहीं एड्स शारीरिक संबंध बनाने से तो होता ही है लेकिन क्‍या आपको पता है कि ये ओरल सेक्स से भी फैलता है, हालांकि इसकी सम्भावना थोड़ी कम होती है लेकिन ऐसा संभव है।

स्ट्रेट सेक्स के मुकाबले होमोसेक्सुअलटी से भी एड्स जैसी बिमारी के होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

वहीं एड्स के रोगीयों की पहचान शारीरिक लक्षणों से नहीं कर सकते हैं क्‍योंकि इस बीमारी के लक्षण करीब 20 साल तक छिपे रह सकते हैं। सिर्फ मेडिकल जांच द्वारा ही इसकी पुष्टि हो सकती है। एच आई वी का पता बिना टेस्ट के नहीं लग सकता, हो सकता है कि बहुत सालों तक इसके कोई लक्षण आपमें ना दिखें और अचानक से बहुत से लक्षण नज़र दिखने लगें।

एड्स के रोगी भी सामान्य संतान पैदा कर सकते हैं ये मुश्किल तो है लेकिन असंभव नहीं।

अगर दो एड्स रोगी शारीरीक संबंध बना रहे हैं तो उन्हें जरूर ले लेना चाहिए। इससे वो लम्बे समय तक स्‍वस्‍थ रहेंगे।

सबसे खास बात तो ये है कि इस बिमारी से कभी कोई व्‍यक्ति मरता नहीं है बल्कि इसके वायरस से व्यक्ति इतना कमज़ोर हो जाता है कि उसे तमाम बीमारियां जकड़ लेती हैं।

खराब स्वास्थ्य सेवाओं के चलते ही अफ्रीकी देशों में एड्स के कारण होने वाली मौतों की गिनती बढ़ गई है।

रोगी HIV पॉज़िटिव या निगेटिव होता है एड्स पॉज़िटिव या निगेटिव नहीं।

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