गुरूवार का व्रत करते वक़्त इन नियमों का रखें पूरा ध्यान..

मित्रों, आप सभी को पता है कि सनातन धर्म में हर दिवस का एक महत्व होता है फिर चाहे वह कोई भी दिन हो। हर दिन किसी न किसी तरह किसी भगवान् या देवता से जुड़ा हुआ है। ठीक उसी तरह गुरुवार भी सप्ताह का एक विशेष दिन है तथा यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है जो आज के दिन व्रत रखते हैं। आज हम उन बातों पर गौर करेंगे जिनका ध्यान हमें गुरूवार के व्रत के दौरान अवश्य ही रखना चाहिए।
कितने गुरुवार करने चाहिए व्रत।
जब किसी व्रत की शुरुआत करने जा रहे हों तो उससे जुड़ी सभी जानकारियां ध्यान से प्राप्त कर लें तभी इस शुभ कार्य की शुरुआत करें।
आप लगातार 16 गुरूवार तक यह व्रत कर सकते हैं। और ऐसा नहीं है कि यह व्रत सिर्फ पुरुषों तक ही सीमित है। महिलाऐं भी कर सकती हैं लेकिन उन्हें अपने मुश्किल दिनों में इस व्रत को नहीं करना चाहिए।
भगवान विष्णु को है समर्पित।
दोस्तों, गुरूवार का दिन भगवान् विष्णु का दिन है इसलिए अगर आप उनकी आराधना करते हैं तथा इस दिन व्रत रखते हैं तो विष्णु जी आपसे प्रसन्न होंगे और आपके जीवन को बेहतर करने में आपकी सहायता करेंगे।
पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
इस दिन अगर आप पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं तो आपके लिए और शुभ होगा, आप पीले रंग के फलों का सेवन भी कर सकते हैं और इस दिन आपको नमक के सेवन से बिल्कुल बचना होगा। यह आपके व्रत को असफ़ल कर देगा  तथा आप भगवान विष्णु को नाराज कर सकते हैं जो कि आपके लिए हानिकारक हो सकता है। फूलों का प्रयोग अवश्य करें।
बृहस्पति देव की कृपा होती है।
इस व्रत को सफलता पूर्वक कर के आप बृहस्पति देव का आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं। आप पूजा करने के बाद कथा सुनें तो अति-उत्तम। यह भी व्रत का एक अहम् हिस्सा है जिसके करने पर आपका व्रत पूरी तरह उत्तीर्ण हो सकेगा।
लक्ष्मी जी का भी मिलता है आशीर्वाद।
दोस्तों, इस दिन पूजा अर्चना करने से आपको लक्ष्मी जी को भी प्रसन्न करने का मौका मिलता है जिसके कारण आपकी धन संबंधी समस्या धीरे-धीरे गायब हो जाती है और आपका जीवन खुशहाली की ओर बढ पड़ता है।
इसलिए हमेशा किसी शुभ कार्य को करने से पहले अच्छे से जानकारी जुटा लें और उसके बाद यह कार्य शुरू करें।
शुभकामनाएं।
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