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हनुमान जी का जन्म स्थान कहां है ? दो राज्यों और तीन स्थानों के अलग-अलग दावे क्या हैं, जानिए

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का भव्य मंदिर अयोध्या में बन रहा है.इस मंदिर को एक लंबे अरसे की कानूनी लड़ाई के बाद हासिल किया गया है.भगवान राम के परम भक्त पवन पुत्र हनुमान को लेकर भी अब विवाद उपज रहा है.दो राज्य में हनुमान जी के जन्म स्थली को लेकर विवाद बना हुआ है.इसी बिच बताया जा रहा है की एक और पक्ष ने भी अपनी दावा को रखा है.चलिए देखते है इन दावों को –

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1. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम

आंध्र प्रदेश के मुख्य मंदिर ने हनुमान जी के जन्म स्थली का दावा किया है तथा इसके लिए एक पैनल का भू गठन किया है.बताया जा रहा है की इस साल आने वाली रामनवमी के दिन अजनाद्री पहाड़ पर जो आंध्र प्रदेश का भाग है उसे असली हनुमान जी की जन्म स्थली घोषित कर दी जाएगी.आपको बता दे की अंजनंद्री पहाड़ उसी पर्वत का भाग है जिस पद बालाजी तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर का पवित्र मंदिर है. यहां पर टीडीडी का दावा है की पैनल द्वारा किए गए रिसर्च से साबित होता है की भगवान राम के परम भक्त हनुमान का जन्म यही हुआ था.इसके लिए उन्हीने वेदों के जानकार, आर्कियोलॉजिस्ट और इसरो के वैज्ञानिकों की मदद से ये रिसर्च पूरी की थी.इसके लिए 8 सदस्य पैनल में नेशनल संस्कृत यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी शामिल थे.

2. हनुमान जन्मभूमि को लेकर कर्नाटक का दावा

कर्नाटक सरकार के मंत्रियों ने दावा किया है की भगवान राम और लक्ष्मण जिस जगह पवन पुत्र हनुमान से मिले थे उसी जगह को असली जन्म भूमि माना जाए.उस जगह के पहाड़ की चोटी पर हनुमान मंदिर स्तिथ है जहा पर भगवान राम और माता सीता की प्रतिमाएं है जिन्हे पत्थरों से काटकर बनाया गया है.बताया जा रहा है की कर्नाटक सरकार का दावा है की अब इस जगह को हनुमान जन्मस्थली के तीर्थ के रूप में विकसित करेगी.सूत्रों की माने तो यह 50 करोड़ की लागत से मंदिर बनाया जाएगा.

3. रामचंदपुरा मठ के प्रमुख राघवेश्वर भारती ने दावा

भगवान हनुमान की जन्म स्थली गोकर्ण स्तिथ कुडेल का समुंद्र तट है. उसके लिए उन्होने वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण में उल्लेखित एक श्लोक को दावा के रूप में लिखा है.बताया जा रहा है की यह भव्य प्रतिमा बनने वाली है.