Home हिन्दू धर्म जब मिले ये तीन संकेत तो मिलेगी आपको बहुत बड़ी सफलता

जब मिले ये तीन संकेत तो मिलेगी आपको बहुत बड़ी सफलता

प्रकृति में कर्म के आधार पर हर घटना एक दूसरे से जुड़ा होता आज मिल रहे फल का आधार अतीत में किये गए कर्म से है इसी जन्म नही बीते हुए जन्म का भी अभोगा फल आपको भोगना पड़ता है ये फल अच्छे भी हो सकते हैं बुरे भी हो सकते हैं जैसा आपका कर्म होगा वैसा ही फल का रूप होगा.

आप समाज मे देखते होंगे किसी को बिना मेहनत के बहोत कुछ किस्मत के रूप में प्राप्त होता है तो किसी को हार-तोड़ मेहनत के उपरांत भी कुछ नही मिलता उसे लोग बदकिस्मत कहते हैं. आज के लेख में हम आपको बताएंगे कि कुछ भी होने से पहले प्रकृति हमे उस घटना का संकेत अवश्य देती है अर्थात हमे सावधान करती है.

हजारों लाखों साल के अथक परिश्रम से हमारे पूर्वजों ने इन संकेतों को पढ़ने और समझने की चेस्टा की फ़िर अपने अनुभव को शास्त्र, पुराण ज्योतिषी शास्त्र, वास्तुशास्त्र, स्वप्न शास्त्र के माध्यम से सरलतम रूप में  लिपि बद्ध शास्त्रों की रचना की जिस से उनके आने वाली पीढ़ि उनके मेहनत से लाभ उठा सके.

प्रकृति में जब कोई भी घटना घटती है तब प्रकृति हमे सावधान करती है यही नही अन्य जीव जंतु सभी को प्रकृति सावधान करती है, कुछ ऐसे जीव हैं जो मनुष्य से पहले इन होने वाली घटना को समझ जाते हैं. हमारे पूर्वज सभी बिंदुओं के गहन अध्ययन के पश्चात शास्त्र के रूप में हमे ये बहुमूल्य ज्ञान दिया जिस से आप होने वाली घटना का पूर्वानुमान लगा सको अच्छे या बुरे परिणाम का समीक्षा कर सको और उसी अनुरूप अपना कार्य योजना तैयार कर सको.

बुरी घटना से कैसे निपटना है आने वाली समस्या का क्या समाधान होना चाहिए या शुभ बातों को कैसे और शुभ बनाना है जिस से आप अपना भविष्य सुरक्षित कर सको.

इन संकेतों का स्वरूप एक सा नही होता और संकेत इस प्रकार होते हैं जो आपका प्रथम नजर में अत्यंत सामान्य लगेंगे जिन लोगो को जानकारी नही है वो तो ये भी नही समझ पाएंगे कि ये कोई संकेत है.

तो आगे आप ध्यान से पढ़िए, समझिए, इसको आत्मसात कीजिये हम आपको संकेत बताने जा रहें हैं.

प्रथम संकेत गौरैया का घर में घोंसला बनाना.

प्रथम नजर में हमे ये अत्यंत सामान्य घटना नजर आ रहा, हर पक्षी अपने लिए घोसला बनाती है उसमें प्रजनन करती है परन्तु घर में गौरैया का घोसला बनाना सामान्य नही है ये एक संकेत है प्रकृति के तरफ से आपके घर की समस्याओं का अंत होने वाला है और जल्द ही अति शुभ खबरों से घर मे खुशियां पसरने वाली है घर मे उपस्थित समस्याओं का अंत होने वाला है.

गौरैया वहीं घोसला बनाती है जहाँ पॉजिटिव एनर्जी का प्रसार होता है निगेटिव एनर्जी का जहाँ प्रसार होता गौरैया वहाँ पल भर भी नही ठहरती एनर्जी का पहचान प्रकृति ने एक उपहार स्वरूप उसे दिया है इसी के आधार पर ये बात कही जाती है जिस घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रसार होगा समस्या वहां से कोसो दूर भागेगी.

दूसरा संकेत सुबह के समय बिल्ली के बच्चे दिखना

प्रथम नजर में ये भी अति साधारण और स्वभाविक घटना नजर आ रहा है परन्तु इस घटना में प्रकृति द्वारा दिया गया संकेत छुपा है ये सबको नही दिखता की आप सुबह बिस्तर से उठो और आपको बिल्ली का बच्चा दिख जाए या आप किसी कार्य के लिए निकलो जैसे ही घर के बाहर कदम रखो और आपको बिल्ली का बच्चा दिख जाए.

बिल्ली के बच्चे दिखने के संकेत का मतलब है कि जल्द ही आपके जीवन मे खुशियां ही खुशियां बरसने वाली है. जिस समस्या से आप पीड़ित है जल्द ही उसका निराकरण होने वाला है अर्थात आप उस समस्या से मुक्त होने वाले हैं.

तीसरा संकेत चींटियों का घर में झुंड दिखाई पड़ना

प्रथम दृष्टि ये संकेत अति स्वाभाविक होती है चींटी है तो झुंड में रहेगी ही परन्तु ये प्रकृति द्वारा दिया गया संकेत है जो साधारण आदमी को समझ मे नही आएगी वही समझ सकता है जिसे शास्त्र का ज्ञान होगा.

चींटियों का झुंड घर मे दिखाई देने से प्रकृति हमे ये संकेत देना चाहती है कि आपके घर मे पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो होना शुरू हो गया अर्थात पॉजिटिव एनर्जी का प्रसार हो रहा है और जहाँ पॉजिटिव एनर्जी का प्रसार होता वहां नकारात्मकता नाम की कोई चीज नही रहती वैसे ही जैसे रौशनी होने पर  अँधेरे का अस्तित्व मिट जाता है.