HomeUncategorizedपूजा में खराब नारियल निकलने पर भगवान देते हैं, यह संकेत

पूजा में खराब नारियल निकलने पर भगवान देते हैं, यह संकेत

हिंदू धर्म के अनुसार पूरे रीति रिवाज के साथ पूजा पाठ किया जाता है। जिसमें कई तरह के नियमों को मानना जरूरी होता है। जैसे पूजा के दौरान लोग नारियल का चढ़ावा भगवान को चढ़ाते हैं, क्योंकि हिंदू धर्मों में नारियल को काफी शुभ माना जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल प्रत्येक शुभ कार्य के दौरान या पूजा पाठ में किया जाता है।

हिंदू धर्म और शास्त्रों के अनुसार नारियल मां लक्ष्मी का प्रतीक होता है और इसी वजह से यदि किसी शुभ कार्य या पूजा के दौरान नारियल का इस्तेमाल नहीं किया जाए, तो पूजा अधूरी मानी जाती है। इसी वजह से नारियल का इस्तेमाल करना अनिवार्य होता है। लेकिन क्या आपको यह पता है, कि यदि नारियल तोड़ते समय वह खराब निकल जाए तो उसका क्या अर्थ होता है, क्योंकि नारियल के बाहरी परत से देखकर यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता, कि नारियल अच्छा है या खराब क्योंकि पूजा के दौरान खराब नारियल का निकलना अशुभ माना जाता है।

लोगों को ऐसा लगता है, कि नारियल का खराब निकलना भगवान के द्वारा दिया हुआ कोई संकेत है। लेकिन आज हम आपको यह बताने वाले हैं, कि खराब नारियल का निकलना अशुभ नहीं बल्कि शुभ होता है।जी हां यदि पूजा के दौरान आपका नारियल खराब निकल जाए तो इसका अर्थ यह है, कि आपके साथ कोई शुभ घटना जल्द ही घटने वाली है। नारियल का खराब निकलने को अशुभ बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है और यह कहना गलत भी है, क्योंकि अगर आपका नारियल खराब निकल जाता है, तो इसका अर्थ यह है कि भगवान आपको कुछ शुभ संकेत दे रहे हैं और आज हम कुछ खास संकेतों के बारे में आपको बताने वाले है।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार यदि पूजा के दौरान नारियल खराब निकल जाए, तो इसका मतलब भगवान ने आपका प्रसाद स्वीकार कर लिया है और इसी वजह से नारियल तोड़ने से वह अंदर से सूखा निकल जाता है। इसी वजह से यदि अगली बार आप का नारियल अंदर से सूखा निकल जाए, तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।

साथ ही आपको यह भी बता दे, कि खराब नारियल के निकलने का संकेत जल्द आपकी मनोकामना पूरी होने से है। यानी कि अगर अंदर से सूखा नारियल निकल जाए, तो आपकी मनोकामना जल्द से जल्द पूरी हो सकती है। आपको यह भी बता दें, कि पूजा का नारियल यदि अंदर से अच्छा निकल जाए तो उसे यानी नायरियल के प्रसाद को कभी भी अपने पास नहीं रखना चाहिए। उसे लोगों में बांट देना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से सभी लोगों को पूजा का फल प्राप्त हो जाएगा।