रविवार के दिन गलती से भी न करें यह काम, माँ लक्ष्मी हो जाएंगी आपसे नाराज

सनातन धर्म की एक सबसे अच्छी विशेषता यह है कि इसको मानने वाले लोग देवी-देवताओं की पूजा करते वक़्त पूरी श्रद्धा से नियमों का पालन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी पूजा सफल हो कर सुखद परिणाम उनके जीवन में लाने का काम करें। यह तभी संभव है जब लोगों के पास उचित जानकारी हो, जानकारी की कमी की वजह से कई बार लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जो उनकी पूजा को असफल बना देती है और फायदा होने की जगह उन्हें उल्टा नुक़सान का सामना करना पड़ता है इसलिए हमें हर चीज के बारे में पूरी जानकारी जुटा कर ही कोई शुभ कार्य प्रारंभ करना चाहिए।

  1. तुलसी और रविवार : सप्ताह के हर दिवस की तरह रविवार का भी दिन देवता को समर्पित है और यह देवता हैं “सूर्यदेव”। लोग बड़ी संख्या में रविवार के दिन सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और उनकी पूजा एवं अर्चना भी करते हैं ताकि उन्हें भगवान सूर्य का आशीष प्राप्त हो सके। पर कुछ बातें ऐसी भी हैं जिनका ध्यान हमें रविवार के दिन अवश्य रखना चाहिए और उन जरुरी बातों में से एक है रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल न चढ़ाना।
  2. . माँ लक्ष्मी को कर सकते हैं रुष्ट : तुलसी का पौधा हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है इससे हम सभी अच्छी तरह परिचित हैं। इसे माँ लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है और मान्यता है कि इस पवित्र पौधे का निवास जिस घर में होता है उस घर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बरक़रार रहती है। कई लोग प्रतिदिन स्नान आदि करने के बाद पूजा करते हैं और साथ ही तुलसी जी को जल भी अर्पित करते हैं लेकिन रविवार के दिन हमें तुलसी जी को जल चढाने से बचना चाहिए।
  3.  . क्यों क्रोधित हो जाती हैं माँ लक्ष्मी : कहा जाता है कि रविवार के दिन तुलसी जी यानि माँ लक्ष्मी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और अगर हम इस दिन उन्हें जल चढ़ाते हैं तो उनका व्रत टूट जाता है परिणामस्वरूप माँ लक्ष्मी क्रोधित हो जाती है तथा हमें पाप का भागी बनना पड़ता है इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपसे ऐसी गलती ना हो।

 

रविवार के अलावा एकादशी, चंद्र ग्रहण एवं सूर्यग्रहण के दिन भी हमें ऐसा करने से बचना चाहिए।

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