HomeUncategorizedसाल 2021 में इन तीन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती का असर, बचाव...

साल 2021 में इन तीन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती का असर, बचाव के लिए करें ये उपाय

शनि देव कर्मफल दाता है, आपके कर्म के हिसाब से फल देते हैं, उनके न्याय दंड से देव भी नही बच पाते फिर हम आम मनुष्यो का क्या बिसात है.

जहाँ शनि देव पाप कर्मों का फल अत्यंत कठोरता के साथ देते हैं वहीं पुण्य कर्मों का फल अत्यंत उदारता के साथ देते हैं.

मनुष्य के जीवन मे एक बार सभी ग्रहों का आगमन होता है अर्थात बारी बारी से सभी ग्रह मनुष्य के कुंडली मे आते हैं और सभी ग्रह आपके कर्म के हिसाब से आपको फल दे के जाते हैं.

आज के लेख में हम आपको बताएंगे, शनि के साढ़ेसाती और अढैया से बचने के लिए क्या उपाय करना चाहिए.

सबसे पहले आप ये जान लें शनि की साढ़ेसाती या अढैया का परिणाम भी आपके कर्म के अनुरूप होता है, अर्थात अगर आपके पुण्य कर्म हैं तो शनि के साढ़ेसाती में आपको तकलीफ नही मिलेगा आपको उन्नति के रास्ते मिलेंगे.

ऐसे अनेक महान हस्ती हुए हैं जिनके कैरियर के सबसे सुनहरा दौर शनि के साढ़ेसाती में ही रहा है, जैसे सचिन तेंदुलकर, लता मंगेशकर.

वहीं अगर आपके कर्म अच्छे नही है तो शनि की साढ़ेसाती आप से सबकुछ छीन लेगी आपको दुःख के गहन अंधकार में डूबा देगी.

शनि 2020 में ढाई साल के लिए स्थिर है कोई गोचर नही कर रही, शनि मकर राशि को छोड़कर ढाई साल तक धनु राशि मे रहेगी.

धनु राशि मे शनिदेव 2022 तक रहने वाले हैं, ध्यान रहे शनि अपना राशि परिवर्तन नही कर रहे हैं लेकिन नक्षत्र परिवर्तन अवश्य होगा.

शनि देव सूर्य के नक्षत्र उत्तराषाढा नक्षत्र में 20 जनवरी 2021 तक रहेंगे.

ऐसी स्थिति में जो साढ़ेसाती बनता है वह ऐसा है

धनु राशि से साढ़ेसाती उतरेगी, मकर के लिए साढ़ेसाती का प्रचंड रूप होगा, वहीं कुंम्भ में साढ़ेसाती लगेगी.

धनु , मकर , और कुंभ राशि वाले साढ़ेसाती के लिए करें ये उपाय

ॐ प्रां प्रीं प्रौं शनैश्चराय नम:’ इस मंत्र का जाप शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि कर के करें.

स्वक्षता का ध्यान रखें देखें कि घर मे और घर के आसपास कोइ गन्दगी तो नही है.

शनिवार के दिन पीपल में तेल चढ़ाएं

तकलीफ अधिक हो रही है तो जल में काला तिल मिलाकर सुबह पीपल में डालें और शाम में जा कर एक दिया जला दें.

शनि मृत्युंजय स्तोत्र, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का 40 दिन तक रोज पाठ करें.

गुड़ और चने का प्रसाद बनाकर हनुमान जी को चढ़ाएं.