यदि आप भी सफाई के लिए ‘स्प्रे’ का इस्तेमाल करते हैं तो संभल जाए, हो सकती हैं ये बड़ी बिमारी

दोस्तों हम सभी को अपने घरों को सजाने का बड़ा शौक होता हैं. घर को सजाने के लिए हमें इसके अंदर नई नई और सुन्दर चीजों को रखते हैं. इन चीजों में सजावटी आइटम्स, टीवी, फ्रिज, सोफे, फर्नीचर इत्यादि चीजें शामिल होती हैं. लेकिन ये सभी चीजें देखने में तब तक अच्छी लगती हैं जब तक कि ये साफ़ सुथरी और चमकदार हो. यदि इनकी कई दिनों तक सफाई नहीं की जाए तो इन पर धुल जमा हो जाती हैं. साथ ही यदि आप अपने घर को बिलकुल चमकदार और क्लीन रखना चाहते हैं तो इनकी सफाई लगभग रोजाना ही करनी होती हैं. चुकी इनमे से कई चीजें नाजुक होती हैं इसलिए इनकी सफाई साधारण पानी या कपड़े से करने पर ये खराब हो सकती हैं. साथ ही पानी से सफाई करने से इनमे पहले जैसी चमक नहीं रहती हैं.

इन चीजों की चमक को बरकरार रखने के लिए बाजार में सफाई वाले स्प्रे उलब्ध हैं. ये स्प्रे सभी घरो और दुकानों में काफी पॉपुलर होते हैं. इनसे सफाई करने में मजा भी आता हैं और ये काफी आसान भी होता हैं. स्प्रे छिड़क कर साफ़ की गई चीजों में एक नई चमक आ जाती हैं. लेकिन जहाँ इस प्रोडक्ट का फायदा हैं वहीँ एक बहुत बड़ा नुकसान भी हैं. इस प्रोडक्ट के लगातार इस्तेमाल से आपको कई तरह की गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं. ये बात हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में हुई एक रिसर्च कह रही हैं.

दरअसल नॉर्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ बर्जन ने हाल ही में एक शौध किया हैं. ये शौध घर और दफ्तरों में सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पॉपुलर स्प्रे को लेकर हुआ हैं. इस सर्वे के अनुसार सफाई करने में उपयोग किए जाने वाले इस स्प्रे से हमारे फेफड़ों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं. शोधकर्ताओं ने पाया कि इसका लगातार इस्तेमाल करने वाले लोगो के फेफड़ों में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. इन दिक्कतों में दमा होने का खतरा नंबर 1 पर आता हैं.

नॉर्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ बर्जन के सेसाइल स्वेन्स कहते हैं कि इस रिसर्च में कई ऐसे साबूत मिले हैं जो ये साबित करते हैं कि इस स्प्रे के इस्तेमाल से अल्पकालीन दमा होने का ख़तरा रहता हैं. हालाँकि अभी तक दीर्घकालीन दमा होने के साबूत नहीं मिले हैं. रिसर्च के अनुसार घर में साफ़ सफाई का काम करने वाली महिलाएं इसकी शिकार अधिक मात्रा में बनती हैं. साथ ही सफाई के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ये ख़तरा बहुत बढ़ जाता हैं.

अमेरिकी जर्नल ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में प्रकाशित हुए इस अध्ययन के अनुसार शौधकर्ताओं ने रिसर्च में पाया कि घरेलु काम करने वाली महिलाओं की तुलना में सफाई का काम करने वाले कर्मचारी में ये बिमारी 12 प्रतिसत ज्यादा होने के चांस होते हैं. इसका कारण ये हैं कि ये कमर्चारी ज्यादा समय तक इस सफाई वाले स्प्रे के संपर्क में रहते हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सफाई वाले स्प्रे में कई तरह के रसायन मिले होते हैं. जब आप इन्हें स्प्रे कर सामान की सफाई करते हैं तो इसके कुछ कण आपकी नाक के जरिए आपके फेफड़ो में भी जाते हैं जो आपको नुकसान पहुचाते हैं. ऐसे में स्प्रे की बजाए पानी का उपयोग करे या फिर मुंह पर कपड़ा बाँध कर साफ़ सफाई करे.

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